Environmental protection campaign

पर्यावरण संरक्षण अभियान

राष्ट्र के विकास के लिए न जाने कितनी योजनायें चल रही हैं, परन्तु यदि पर्यावरण ही न बचा तो सभी योजनाएँ विफल हो जायेगी । आज सर्वप्रथम आवश्यकता है पर्यावरण संरक्षण की । मानव जाति के अस्तित्व की रक्षा के लिए एवं स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु शुद्ध वायु अत्यंत आवश्यक है । 

पूज्य संत श्री आशारामजी बापू कहते हैं कि (पीपल, आँवला, तुलसी, वटवृक्ष व नीम) ये वृक्ष लगाने से आपके द्वारा प्राणिमात्र की बड़ी सेवा होगी । खुद वृक्ष लगाना और दूसरों को प्रेरित करना भी एक सेवा होगी ।

इसलिए समितियों द्वारा पीपल, आँवला, तुलसी, वटवृक्ष व नीम आदि वृक्षों का रोपण किया जाता है ।  इनका न सिर्फ धार्मिक महत्त्व है बल्कि पर्यावरण सुरक्षा, वातावरण शुद्धि की दृष्टि से भी महत्त्व है । इस अभियान से विश्व मानव समुदाय की शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति हो रही है । 

तुलसी वायु को शुद्ध करती है और पर्यावरण संतुलन में सहायक है । इसलिए समितियों द्वारा समय-समय पर तुलसी के पौधों का वितरण कर स्वास्थ्य, संस्कार, पर्यावरण और अध्यात्म को जन-जन तक पहुँचाने का पावन सेवाकार्य भी किया जाता है ।